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Operation Eastwood: रूस समर्थित साइबर अपराध नेटवर्क पर वैश्विक कार्रवाई की ऐतिहासिक मिसाल

Operation Eastwood: 17 जुलाई 2025 को साइबर सुरक्षा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया जब Europol (यूरोपोल) और Eurojust (यूरोजस्ट) के नेतृत्व में 12 से अधिक देशों ने मिलकर Operation Eastwood नाम से एक व्यापक अभियान चलाया। इस ऑपरेशन का लक्ष्य था — NoName057(16) नामक एक रूस समर्थित साइबर अपराध नेटवर्क को खत्म करना जो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों की डिजिटल सुरक्षा, सार्वजनिक सेवाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रहा था।

✍🏻 लेखक: रुपेश कुमार सिंह


🔍 कौन है NoName057(16)?

NoName057(16) एक उग्र और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रो-रशियन हैक्टिविस्ट नेटवर्क है। यह नेटवर्क 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद सक्रिय हुआ और तब से यह NATO देशों, विशेषकर यूरोप और अमेरिका की वेबसाइट्स व संस्थानों को निशाना बना रहा है।

इसके प्रमुख अपराधों में शामिल हैं:

  • DDoS (Distributed Denial of Service) हमले

  • सार्वजनिक सेवाओं को ठप करना

  • राजनीतिक और सैन्य वेबसाइटों पर हमले

  • मीडिया संस्थानों को निशाना बनाना

  • सोशल मीडिया पर डिसइन्फॉर्मेशन (गलत सूचना) फैलाना

यह नेटवर्क विशेष रूप से टेलीग्राम चैनल्स और GitHub जैसे ओपन प्लेटफॉर्म्स का प्रयोग करता है जहाँ ये अपने हमलों का प्रचार भी करते हैं।


🌐 Operation Eastwood: एक वैश्विक प्रयास

कौन-कौन से देश इस ऑपरेशन में शामिल थे?

इस ऑपरेशन में निम्नलिखित 12 देश शामिल रहे:

  • जर्मनी

  • Czechia

  • फ्रांस

  • संयुक्त राज्य अमेरिका

  • कनाडा

  • पोलैंड

  • नीदरलैंड

  • स्लोवाकिया

  • बेल्जियम

  • एस्टोनिया

  • स्वीडन

  • इटली

सभी देशों ने अपने-अपने स्तर पर नेटवर्क मॉनिटरिंग, DNS ट्रैकिंग, क्लाउड सर्वर इन्फ्रास्ट्रक्चर की पहचान और कानूनी कार्रवाई में योगदान दिया।


🎯 Operation Eastwood की मुख्य उपलब्धियाँ

✅ तकनीकी रूप से:

  • NoName057(16) के कमांड एंड कंट्रोल सर्वर निष्क्रिय किए गए।

  • टेलीग्राम चैनल्स और गिटहब खातों को बंद किया गया।

  • नेटवर्क द्वारा उपयोग किए जा रहे 100+ IP एड्रेस, VPN नोड्स और क्लाउड सर्वरों को बंद किया गया।

  • CDN नेटवर्क्स की गतिविधियों को रोकने के लिए DNS ब्लैकहोलिंग तकनीक का उपयोग किया गया।

✅ कानूनी रूप से:

  • Eurojust के माध्यम से कई देशों में FIR दर्ज की गईं।

  • संदिग्धों के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चालू।

  • क्लाउड सेवा प्रदाताओं के साथ साझा कार्रवाई कर कई खातों को फ्रीज़ किया गया।

👉 विस्तृत रिपोर्ट और स्रोत: Eurasia Review – Operation Eastwood 17 July 2025


📉 क्यों था यह Operation Eastwood समय-संवेदनशील?

इस ऑपरेशन की टाइमिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि:

  1. यूक्रेन युद्ध अब साइबर मोर्चे पर भी गहराता जा रहा है।

  2. पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान फ्रांस की डिजिटल सुविधाओं पर हमले हुए थे — जिनमें NoName057(16) का हाथ पाया गया।

  3. जर्मनी, स्लोवाकिया और पोलैंड में हाल ही में चुनावों से पहले इन देशों की चुनाव आयोग और सरकारी वेबसाइट्स पर हमले हुए थे।

  4. अमेरिका के 2024 राष्ट्रपति चुनाव में भी इस नेटवर्क की गतिविधियों पर एजेंसियाँ नजर रख रही थीं।

इन सब घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि NoName057(16) केवल तकनीकी समूह नहीं, बल्कि एक राजनीतिक उपकरण के रूप में कार्य कर रहा है।


🌐 डिजिटल लोकतंत्र की रक्षा

साइबर हमलों का यह स्वरूप केवल तकनीकी नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि यह देशों के लोकतांत्रिक ढांचे, जनमत और चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है।

डॉ. मार्टिन स्टेन (Cybersecurity Analyst, Netherlands) के अनुसार:

“Operation Eastwood एक सशक्त संदेश है — कि डिजिटल लोकतंत्र को प्रभावित करने वाले किसी भी नेटवर्क को वैश्विक कानून से नहीं बचाया जा सकता।


🧠 तकनीकी रणनीतियाँ और सहयोग

यह ऑपरेशन दर्शाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, और मजबूत साइबर कानून, डिजिटल अपराधों से निपटने में कारगर सिद्ध हो सकते हैं। इस ऑपरेशन में:

  • AI-बेस्ड ट्रैफिक एनालिसिस सिस्टम का उपयोग किया गया

  • टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और ब्लॉकिंग

  • VPN ट्रैफिक डीकोडिंग की मदद से लोकेशन ट्रेसिंग


🤖 भविष्य की चुनौतियाँ

भले ही Operation Eastwood एक बड़ी सफलता रही हो, लेकिन साइबर अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आने वाले समय में वैश्विक समुदाय को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:

  1. अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संधियाँ बनाना

  2. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को जवाबदेह बनाना

  3. जनता को डिजिटल साक्षरता और साइबर जागरूकता प्रदान करना

  4. AI-बेस्ड साइबर क्राइम डिटेक्शन सिस्टम का व्यापक उपयोग


यह भी पढ़े: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की नई रणनीति: ‘UN को फिर से महान बनाना’ – सुधार या बहुपक्षवाद से पीछे हटना?

🔚 निष्कर्ष

Operation Eastwood एक ऐतिहासिक कदम है जिसने यह साबित कर दिया कि यदि देशों की एजेंसियाँ मिलकर काम करें तो साइबर अपराधियों की वैश्विक नेटवर्किंग भी तोड़ी जा सकती है। रूस समर्थित NoName057(16) नेटवर्क को कमजोर करना न केवल डिजिटल सुरक्षा के लिए आवश्यक था, बल्कि यह राजनीतिक रूप से निष्पक्ष और स्वतंत्र वैश्विक इंटरनेट के लिए भी जरूरी है।

यह कार्रवाई केवल एक तकनीकी ऑपरेशन नहीं थी — यह डिजिटल मानवाधिकार और साइबर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई थी।

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