Sunday, March 8, 2026
No menu items!
HomePolicyडिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI): आधार, UPI और ONDC के बाद भारत का...

डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI): आधार, UPI और ONDC के बाद भारत का अगला डिजिटल कदम क्या होगा?

🔎 प्रस्तावना:

DPI: 2014 के बाद भारत सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि नीति-निर्माण की रीढ़ बना दिया है। डिजिटल इंडिया मिशन, आधार, UPI और हाल ही में लॉन्च किया गया ONDC — ये सभी मिलकर डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के उस नेटवर्क को तैयार कर रहे हैं जो भारत को एक डिजिटल लोकतंत्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

लेकिन सवाल यह है: आधार, UPI और ONDC के बाद अगला बड़ा डिजिटल कदम क्या हो सकता है? क्या भारत दुनिया का सबसे सक्षम डिजिटल समाज बन सकता है?

✍🏻 लेखक: रुपेश कुमार सिंह


1️⃣ DPI क्या है और यह भारत में क्यों महत्वपूर्ण है?

डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) का अर्थ है सरकार द्वारा बनाए गए ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म, जो आम जनता को पहचान, भुगतान, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन से जुड़ी सेवाएं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराते हैं। भारत का DPI मॉडल तीन स्तरों पर टिका है:

  • पहचान का स्तर: आधार

  • लेन-देन का स्तर: UPI, DigiLocker

  • डिजिटल एक्सेस का स्तर: ONDC, CoWIN, ABHA, और DBT प्लेटफॉर्म

भारत का DPI मॉडल अब अन्य देशों द्वारा adopt किया जा रहा है — इससे इसकी वैश्विक स्वीकार्यता भी बढ़ रही है।


2️⃣ आधार, UPI और ONDC: अब तक की क्रांति

🔹 आधार (2009 – वर्तमान)

  • दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक आईडी प्रणाली।

  • 1.3 अरब से अधिक नागरिकों को यूनिक पहचान मिली।

  • DBT (Direct Benefit Transfer) और सब्सिडी को प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका।

🔹 UPI (2016 – वर्तमान)

  • पूरी दुनिया में सबसे तेजी से अपनाया गया डिजिटल पेमेंट सिस्टम।

  • अप्रैल 2025 में ₹19 लाख करोड़ से अधिक के ट्रांजेक्शन।

  • विदेशों में UPI को अपनाया जा रहा है — जैसे कि UAE, फ्रांस, सिंगापुर आदि।

🔹 ONDC (Open Network for Digital Commerce)

  • Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों की duopoly को तोड़ने के लिए सरकार का प्रयास।

  • छोटे व्यापारियों को डिजिटल इकोनॉमी में शामिल करने का प्लेटफॉर्म।

  • खरीदार और विक्रेता किसी भी ऐप से जुड़ सकते हैं — interoperability ही इसकी ताकत है।


3️⃣ CoWIN, ABHA और DigiLocker: DPI की साइलेंट क्रांति

CoWIN

  • कोविड-19 वैक्सीनेशन का डेटा प्रबंधन।

  • 2 अरब से अधिक टीकाकरण रजिस्ट्रेशन, डिजिटल सर्टिफिकेट प्रणाली।

ABHA (Ayushman Bharat Health Account)

  • भारत का डिजिटल हेल्थ ID सिस्टम।

  • स्वास्थ्य डेटा को सुरक्षित और पोर्टेबल बनाना।

DigiLocker

  • 200 मिलियन से अधिक यूज़र्स।

  • दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता — शिक्षा प्रमाणपत्र, गाड़ी के कागज, पैन कार्ड इत्यादि।


4️⃣ डेटा सुरक्षा और निगरानी पर बहस

जहां एक ओर DPI के माध्यम से सरकार ने सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाया है, वहीं डेटा गोपनीयता और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल उठे हैं:

  • डेटा सुरक्षा कानून अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।

  • Facial Recognition, Digital Surveillance और AI-Powered Policing जैसी तकनीकों से व्यक्तिगत आज़ादी को खतरा।

  • नागरिकों को पता नहीं कि उनका डेटा कहां जा रहा है, कैसे उपयोग हो रहा है।

इसलिए DPI की सफलता के लिए “डिजिटल अधिकारों और डेटा सुरक्षा” का संतुलन अत्यावश्यक है।


5️⃣ भारत का अगला डिजिटल कदम क्या हो सकता है?

📌 संभावित अगली परियोजनाएँ:

🔸 Digital Judiciary Infrastructure

  • ई-कोर्ट्स का पूर्ण डिजिटलीकरण

  • वर्चुअल कोर्ट हियरिंग

  • AI द्वारा केस अलॉटमेंट और ट्रैकिंग

🔸 AI-Driven Governance Platforms

  • निर्णय लेने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग

  • पेंशन, स्कॉलरशिप, स्वास्थ्य बीमा आदि योजनाओं में स्वचालित अनुमोदन प्रणाली

🔸 National Digital Employment Exchange (NDEE)

  • सरकार एक डिजिटल प्लेटफॉर्म ला सकती है जहाँ श्रम बाज़ार की सभी जानकारी एकीकृत हो

  • प्राइवेट और सरकारी नौकरियाँ, स्किल मैपिंग और ट्रेनिंग ऑटोमेशन

🔸 Digital Agriculture Infrastructure

  • किसानों के लिए Smart Farming Dashboard

  • e-KYC आधारित लोन, बीमा और मार्केट लिंकिंग


6️⃣ क्या DPI भारत को वैश्विक डिजिटल नेता बना सकता है?

हां, लेकिन कुछ शर्तों पर:

  • नीति में पारदर्शिता और डेटा के दुरुपयोग पर सख्त नियंत्रण

  • ग्रामीण भारत में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी को प्राथमिकता

  • छोटे व्यवसायों और आम नागरिकों को क्लियर UX/UI अनुभव देना ताकि तकनीक समावेशी बने, भ्रांतिजनक नहीं


यह भी पढ़े: PLI योजना 2025 से Next‑Gen भारत: Subsidies से Component Manufacturing तक का सफर

🧩 निष्कर्ष:

डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत की 21वीं सदी की सबसे बड़ी नीति क्रांति बन चुकी है। आधार, UPI और ONDC ने एक बुनियादी ढांचा तैयार कर दिया है — अब बारी है गहराई और विस्तार की। यह तभी संभव है जब सुरक्षा, पारदर्शिता और नागरिक स्वतंत्रता को समान महत्व मिले।

अगर सरकार संतुलन साध पाती है, तो भारत दुनिया का डिजिटल लोकतांत्रिक मॉडल बन सकता है — न सिर्फ टेक्नोलॉजी के दम पर, बल्कि नागरिक अधिकारों के संरक्षण के साथ।

News Next
News Nexthttp://news-next.in
News Next is a website that covers the latest news from around the world. It provides updates on current events, politics, business, entertainment, technology, and more. It was founded by independent journalist Rupesh Kumar Singh. Contact us: newsnextweb@gmail.com
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments