“मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार को लेकर MITRA ने नया व्हाइट पेपर जारी किया है, जिसमें BEST बसों, पार्किंग व्यवस्था और निजी बसों के उपयोग पर बड़े सुझाव दिए गए हैं। जानिए इस योजना का भविष्य और असर।”
✍🏻 लेखक: रुपेश कुमार सिंह
मुंबई की पहचान केवल मायानगरी या आर्थिक राजधानी के रूप में नहीं है, बल्कि यह शहर अपने व्यस्त और जटिल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए भी जाना जाता है। हर दिन लाखों लोग लोकल ट्रेन, BEST बसों और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे मुंबई का शहरीकरण तेज़ी से बढ़ा है, वैसे-वैसे इसकी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर बोझ भी बढ़ता गया है।
इसी संदर्भ में, 17 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई। महाराष्ट्र इनोवेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन अडवाइजरी काउंसिल (MITRA) ने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की स्थिति पर व्हाइट पेपर (White Paper) तैयार करने का निर्णय लिया है, जो BEST बस सेवा के पुनर्गठन, निजी और कॉरपोरेट बसों के उपयोग, और शहर की पार्किंग समस्याओं के समाधान जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा।
MITRA व्हाइट पेपर की मुख्य बातें
MITRA, महाराष्ट्र सरकार का सलाहकार निकाय है, जिसे नीति, शहरी नवाचार और शासन सुधारों पर काम करने के लिए गठित किया गया है। अब यह निकाय मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए मॉडल फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। इसके तहत 4 मुख्य सुझाव सामने आए हैं:
1. निजी स्कूल व कॉरपोरेट बसों का साझा उपयोग
मुंबई में हजारों स्कूल और कॉरपोरेट कंपनियों की बसें हर दिन शहर में चलती हैं, जो केवल एक सीमित समय व समूह के लिए होती हैं। MITRA का सुझाव है कि इन बसों को खाली समय में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह उपयोग किया जा सकता है, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और सार्वजनिक वाहनों पर दबाव घटेगा।
2. BEST डिपो के वाणिज्यिक उपयोग की योजना
मुंबई में BEST के कई डिपो ऐसे हैं जो शहर के प्राइम लोकेशनों पर स्थित हैं। MITRA की सिफारिश है कि इन डिपो की ऊपरी मंज़िलों को वाणिज्यिक गतिविधियों जैसे ऑफिस, दुकानें या को-वर्किंग स्पेस के रूप में किराये पर दिया जा सकता है, जिससे BEST को अतिरिक्त आय होगी और मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार को गति मिलेगी।
3. मल्टी-लेवल और अंडरग्राउंड पार्किंग निर्माण
मुंबई की ट्रैफिक समस्या में एक बड़ा कारण है – पार्किंग की कमी। MITRA का सुझाव है कि मल्टी-लेवल या भूमिगत (Underground) पार्किंग विकसित कर के सड़क पर खड़ी गाड़ियों की संख्या कम की जाए और पब्लिक स्पेस को रीलोड किया जाए।
4. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में PPP मॉडल की भागीदारी
सरकारी और निजी भागीदारी (PPP – Public Private Partnership) को बढ़ावा देकर मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार में निवेश लाया जा सकता है। इससे यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी और टेक्नोलॉजी का समावेश संभव होगा।
क्यों ज़रूरी है यह व्हाइट पेपर?
1. BEST की आर्थिक स्थिति संकट में
हाल के वर्षों में BEST (Brihanmumbai Electric Supply and Transport) को भारी आर्थिक घाटा हुआ है। संचालन लागत बढ़ने और यात्री संख्या घटने से 2024 में BEST को ₹1500 करोड़ का नुकसान हुआ था। यह व्हाइट पेपर नई आय के स्रोत खोजने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है और मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार में सहायक सिद्ध हो सकता है।
2. शहरीकरण और भीड़ का दबाव
मुंबई की जनसंख्या 2025 तक 2.2 करोड़ से अधिक हो चुकी है, और हर दिन लगभग 80 लाख लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। इतने बड़े पैमाने पर भीड़ को स्मार्ट और टिकाऊ व्यवस्था के बिना नियंत्रित करना असंभव है।
3. ट्रैफिक और प्रदूषण की चुनौती
मुंबई की सड़कों पर 45 लाख से अधिक वाहन हैं। इससे ट्रैफिक जाम, वायु प्रदूषण और समय की बर्बादी जैसे गंभीर परिणाम सामने आते हैं। इसलिए अब मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए मल्टी-मोडल और कुशल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जरूरत है।
संभावित लाभ
| पहल | संभावित लाभ |
|---|---|
| कॉरपोरेट बसें | भीड़ कम, कुशल समय प्रबंधन, अतिरिक्त बस नेटवर्क |
| डिपो का कमर्शियल उपयोग | BEST को राजस्व मिलेगा, शहरी स्पेस का पुनःउपयोग |
| मल्टी-लेवल पार्किंग | सड़कें खाली होंगी, यातायात सुचारु |
| PPP भागीदारी | आधुनिक टेक्नोलॉजी, निजी निवेश और दक्ष प्रबंधन |
चुनौतियाँ और सवाल
- क्या निजी कॉरपोरेट्स सार्वजनिक उपयोग की अनुमति देंगे?
- डिपो का कमर्शियल उपयोग क्या BEST की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा?
- भूमिगत पार्किंग के लिए ज़मीन और फंडिंग कहाँ से आएगी?
- PPP मॉडल में जनता को क्या गारंटी होगी कि सेवा सस्ती और सुलभ रहेगी?
विशेषज्ञों की राय
मुंबई यूनिवर्सिटी के शहरी योजनाकार डॉ. वैभव सावंत कहते हैं:
“मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालना अनिवार्य है। MITRA का यह व्हाइट पेपर सही दिशा में उठाया गया कदम है, बशर्ते इसकी सिफारिशें जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू हों।”
राष्ट्रीय संदर्भ में महत्त्व
भारत में कई शहरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद ने पहले से ही स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल अपनाया है – जैसे ई-बसें, बस रैपिड ट्रांजिट (BRT), डिजिटल टिकटिंग आदि। अब मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार की दिशा में यह व्हाइट पेपर पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
जनता की उम्मीदें
मुंबई के आम यात्रियों की सबसे बड़ी अपेक्षा है:
- समय पर बस सेवाएं
- बेहतर रूट कनेक्टिविटी
- डिजिटल भुगतान और ट्रैकिंग सुविधा
- महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित यात्रा
अगर व्हाइट पेपर के अनुसार योजनाएँ बनाई जाती हैं तो यह सभी अपेक्षाएं पूरी की जा सकती हैं।
यह भी पढ़े: मुंबई मेट्रो लाइन 7A में ऐतिहासिक सफलता: आंधेरी से एयरपोर्ट तक की यात्रा अब और तेज़ और आसान
निष्कर्ष
MITRA द्वारा प्रस्तावित व्हाइट पेपर मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार में क्रांति ला सकता है। इसकी सिफारिशें अगर जमीनी स्तर पर लागू की जाती हैं, तो न केवल BEST की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, बल्कि मुंबईवासियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय ट्रांसपोर्ट सेवा मिल सकेगी।
परन्तु यह तभी संभव है जब सरकार, नगर निकाय और निजी क्षेत्र मिलकर नीति, योजना और क्रियान्वयन तीनों स्तरों पर प्रतिबद्धता दिखाएं।

