तेहरान से तेल अवीव तक बीती रात मिसाइलों की चमक और शोक की चीखों के साथ, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष अब “मध्यरात्रि सीमा” तक पहुँच गया है — जिसे सैन्य विश्लेषक अब तक का सबसे खतरनाक मोड़ बता रहे हैं।
स्थानीय समयानुसार रात 2:16 बजे, इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के इस्फहान के पास स्थित एक “रणनीतिक साइबर युद्ध केंद्र” को निशाना बनाकर सटीक हवाई हमला किया। जवाब में, ईरान ने दर्जनों लंबी दूरी की ड्रोन हमले इज़राइल के दक्षिणी शहरों पर किए, जिनमें अशदोद और बेयर शेवा को सीधा नुकसान पहुँचा।
तेल अवीव में कई वर्षों बाद फिर से हवाई हमले के सायरन गूंजे, और लोग बंकरों की ओर भागे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया कि आयरन डोम ने एक ड्रोन को एक स्कूल परिसर के ऊपर नष्ट कर दिया।
ईरानी सुप्रीम रिवोल्यूशनरी काउंसिल ने “पूर्ण प्रतिरोध” की घोषणा की है और क्षेत्रीय सहयोगियों से लामबंदी की अपील की है। लेबनान की हिज़्बुल्लाह ने समर्थन जताया है, वहीं अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों पर संभावित हमलों की चेतावनी दी है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से बयान देते हुए ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग की और कहा, “अमेरिका अपने सहयोगी इज़राइल को खतरे में नहीं पड़ने देगा।” उनके बयान ने वाशिंगटन में हलचल पैदा कर दी है, जबकि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन ने अब तक चुप्पी साध रखी है।
नागरिकों की जान पर संकट
ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, 187 लोगों की मौत हो चुकी है और 560 घायल हैं। इज़राइल में 34 नागरिकों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, और दर्जनों घायल हैं।
यरुशलम और तेल अवीव के अस्पतालों में जगह नहीं बची, और कई फील्ड हॉस्पिटल सक्रिय कर दिए गए हैं।
वैश्विक प्रभाव
तेल की कीमतें रातों-रात $83 प्रति बैरल पर पहुंच गईं, सोना 5% ऊपर चढ़ा, और एशियाई शेयर बाज़ारों में गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ईरान और इज़राइल के हवाई क्षेत्र से मोड़ दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति को “वैश्विक आपदा का प्रारंभ” बताया है।

