प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय विदेश दौरे पर साइप्रस पहुँच चुके हैं, जहां उन्हें राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स द्वारा रेड कार्पेट पर भव्य स्वागत मिला है इस यात्रा का समापन वे जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेकर करेंगे, जिसकी मेजबानी कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कर रहे हैं।
🔹 यात्रा कार्यक्रम और बैठक संभावनाएं
आज मोदी जी-7 समिट में वर्चुअल/ऑन-साइट भागीदारी करेंगे। इस दौरान संभवतः वे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात कर सकते हैं
यह मुलाकात वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को पुनः मजबूत करने का अवसर साबित हो सकती है, खासकर व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, और रणनीतिक भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर।
🔹 मीटिंग का निहितार्थ
ट्रंप से चर्चा: यदि ट्रंप से संवाद होता है, तो इसमें ऊर्जा, व्यापार एवं सुरक्षा जैसे द्विपक्षीय मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं।
मेलोनी के साथ बैठक: इटली के साथ व्यापार, रक्षा सहयोग और मत्स्य क्षेत्र जैसी संभावनाएं इस बातचीत की संभावित चर्चा के विषय रह सकती हैं।
🔹 क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह पहली बार नहीं होगा जब मोदी जी-7 मंच पर दिखाई देंगे; लेकिन कनाडा में होने वाले इस सम्मेलन में उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक शक्तियों के साथ और अधिक सक्रिय कूटनीतिक विमर्श की इच्छा रखता है।
साइप्रस दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात की और द्विपक्षीय स्तर पर कई अहम समझौतों एवं पहलुओं पर चर्चा की अब जी-7 में उनकी भागीदारी इस यात्रा को वैश्विक आयाम देती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा और जी-7 सम्मेलन में उनकी संभावित बैठकों से भारतीय कूटनीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई गति मिलेगी। विशेष रूप से ट्रंप और मेलोनी जैसे वैश्विक नेताओं से संभावित बातचीत से भविष्य में भारत की वैश्विक साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद बनती है।

