नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू हुए अब 5 साल हो चुके हैं। यह नीति शिक्षा व्यवस्था को मूलभूत रूप से बदलने के उद्देश्य से लाई गई थी। लेकिन 2025 में खड़े होकर यह जरूरी हो गया है कि हम मूल्यांकन करें कि ज़मीन पर क्या बदलाव हुए हैं।
✍🏻 लेखक: रुपेश कुमार सिंह
प्रमुख सुधार बिंदु
- 5+3+3+4 ढाँचा: पारंपरिक 10+2 की जगह नई स्कूली संरचना लागू।
- मल्टी-डिसिप्लिनरी शिक्षा: स्नातक स्तर पर विभिन्न विषयों का संयोजन।
- मातृभाषा में शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में देने पर ज़ोर।
उपलब्धियाँ
- कई राज्यों में मातृभाषा में पाठ्यपुस्तकों का विकास हुआ।
- एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से छात्रों को लचीलापन मिला।
- डिजिटल शिक्षा के प्लेटफॉर्म्स (DIKSHA, SWAYAM) को लोकप्रियता मिली।
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चुनौतियाँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता अभी भी एक बाधा है।
- शिक्षकों का प्रशिक्षण असमान और अधूरा है।
- सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना में सुधार की आवश्यकता।
निष्कर्ष
NEP 2020 एक दूरदर्शी नीति है लेकिन इसके क्रियान्वयन में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।

